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शनिवार, 11 अगस्त 2018

RAS 2018: PAPER ANALYSIS AND CUT OFF ESTIMATION पेपर विश्लेषण एवं कट ऑफ अनुमान



नमस्कार दोस्तों

काफी महीनों के बाद मैं लिख रहा हूँ | हाँ मैं जिंदा हूँ | RAS 2013 में सिलेक्शन के बाद मैं लम्बे समय तक ट्रेनिंग एवं पोस्टिंग में व्यस्त रहा | खैर मुद्दे पर आते हैं | पिछले दिनों हुई RAS 2018 के बाद कट ऑफ को लेकर माहौल बेहद नाजुक है | इसलिए चलिए उस पेपर का विश्लेषण कर आपकी जिज्ञासा को शांत करने की एक असफल कोशिश कर ही लेते हैं |


इस बार के पेपर के बाद एक बार फिर सिद्ध हो गया कि RPSC के पेपर का कोई पैमाना नहीं | पेपर परंपरा से हट कर था | भारतीय राजव्यवस्था का हिस्सा तो ऐसा था कि लक्ष्मीकांत पढने वालों के हौश ही उड़ गए बाकियों का तो कहना ही क्या? परन्तु यकीन मानिये लक्ष्मीकांत अभी भी एक बेहतरीन पुस्तक है | ये सवाल ही इसे थे जिन्हें कोई महत्वपूर्ण नहीं मानता था इसलिए कोई पढता नहीं था | विपक्ष के नेता को भला कौन याद रखता है ?
माननीय न्यायाधीश के ट्रान्सफर पर नजर कौन रखता है ? अनुच्छेद 87 के प्रश्न में तो RPSC शब्दों से खेल गया | मुझे लगता है अधिकांश लोगों ने यह गलत ही किया होगा, तुक्के में सही हो जाये तो अलग बात है | स्वर्ण सिंह समिति, लोकसभा में प्रश्न, प्रोटेम स्पीकर जैसे प्रश्न औचित्यहीन थे |  कुल मिलाकर राजनीति वाला हिस्सा देखकर तो लगा कि " बेटा तुमसे ना हो पायेगा |"  इस बार के पेपर का सबसे कठिन हिस्सा यही है इसी के आधार पर कट ऑफ के नीचे रहने का अनुमान लगाया जा रहा है |

इतिहास कठिन स्तर का था | प्राचीन ,मध्य काल एवं आधुनिक काल के प्रश्नों का समावेश था परन्तु 1-2 को छोड़कर सब कठिन तथ्य थे जो याद रहना अनपेक्षित थे | विज्ञान के करीब 21 प्रश्न पूछे गए जो आसान या मध्यम प्रकृति के थे |  कुछ प्रश्न तो तुक्कों या कॉमन सेंस के आधार पर भी सही हुए हैं | तार्किक योग्यता के सवाल आसान पूछे गए जो लगभग लोगों ने सही किये | गणित इस बार कठिन रही | जो गणित पृष्ठभूमि के नहीं थे उन्हें  खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है | मैं यह मान कर चल रहा हूँ कि उन लोगो से यह प्रश्न हल नहीं हुए होंगे |

आश्चर्यजनक रूप से इस बार राजस्थान से जुड़े सवाल कम पूछे गए | कला,संस्कृति इतिहास से जुड़े प्रश्न नहीं थे | राजे महाराजे देवी देवता को नजरअंदाज किया गया | कहीं वो नाराज हो गए तो RPSC को उनके  प्रकोप का सामना करना पड़ सकता है | वैसे भी हमारे राजाओं का ईगो सबको मालूम ही है ;)
खैर पारंपरिक सवालों का अभाव रहा | अलोकप्रिय सवाल जैसे पुस्तकों के लेखकों के नाम पूछे गए | इनके अलावा सभी राजस्थान से जुड़े सवाल चाहे वो योजनाओं से सम्बंधित हो या समसामयिकी से बेहद सरल रहे |

अर्थशास्त्र से जुड़े प्रश्न अच्छी संख्या में पूछे गए | जो लगभग लोगों ने सही किये | 2 सवाल सीधे सीधे आंकड़ो से सम्बंधित थे जो लोगों ने रट्टे मारे हुए थे | जनसँख्या से जुड़ा सवाल अभी भी पूछा गया जो तुक्के से सही किया जा सकता था | एक सवाल की चर्चा में यहाँ जरुर करना चाहूँगा - लागत मूल्य एवं महंगाई वाले प्रश्न को कथन एवं कारण टाइप का था , उसे हिंदी माध्यम के लोगों ने शायद ही दूसरी बार पढ़ा होगा जबकि इंग्लिश अनुवाद पढ़कर उसे आसानी से हल किया जा सकता था | अतः मेरा सुझाव है कि इसे प्रश्न जो हिंदी में भारी भरकम लगे उसका अंग्रेजी अनुवाद जरुर पढ़ें

समसामयिकी के अधिकांश प्रश्न सरल थे और गत 1-2 महीने कि खबरों से जुड़े हुए थे अतः इन्हें हल करना आसान था |


पूरे प्रश्नपत्र के विश्लेषण के आधार पर यह कहा जा सकता है कि इस बार का पेपर गत वर्ष की तुलना में थोडा कठिन रहा परन्तु सरल विकल्पों ने तुक्के लगाने में सम्भावना पैदा कर दी | इसलिए कट ऑफ में बहुत ज्यादा अंतर आने की सम्भावना कम ही रहेगी | राजस्थान से जुड़े प्रश्नों की संख्या कम रही जो अन्य राज्यों के परीक्षार्थियों के लिए लाभ का सौदा रहा |

जिन विद्यार्थियों को लगा कि इस बार का पेपर IAS के स्तर का था तो मेरे हिसाब से या तो उन लोगों ने आज तक IAS की परीक्षा दी नहीं है या फिर राजनीति वाले हिस्से की कठिनाई ने उन्हें ऐसा सोचने को मजबूर  कर दिया | राजस्थान में धूलभरी आँधियों वाला प्रश्न ही मुझे IAS के स्तर का लगा | 

अंत में कट ऑफ की चर्चा कर ली जाए | यह बहुत ही मुश्किल काम होता है | क्योंकि बॉर्डर वाले विद्यार्थियों का परिणाम आने तक दिल धक् धक् करता रहता है | परन्तु कट ऑफ उस भूतिया फिल्म की भांति है जिसे देख्नने का मन भी करता है और डर भी लगता है | इस पेपर में मेरे अनुसार करीब 58 प्रश्न ऐसे थे जो सरल थे और अधिकांश विद्यार्थियों ने सही किये होंगे | साथ ही इस वर्ष भर्ती में पदों की संख्या  गत वर्ष से अधिक है | इस आधार पर कहा जा सकता है कि कट ऑफ गत वर्ष की तुलना में कम ही रहेगी | मेरा अनुमान है कि यह सामान्य वर्ग के लिए 74+-2(72 से 76 ) रहेगी | OBC की कट ऑफ इस बात पर निर्भर करेगी कि उन्हें आरक्षण का लाभ दिया जाता है या नहीं | इस मामले में RPSC के एक तरफ कुआँ है तो एक तरफ खाई | परन्तु मेरे अनुमान से RPSC इस बार प्री परीक्षा में आरक्षण का लाभ देगी | अतः कट ऑफ के समान ही रहेगी | परन्तु अगर कट ऑफ ज्यादा रखी गई तो यह अधिकतम 85+-2 अंक तक जा सकती है |

70 अंक से अधिक अंक प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों से मेरा कहना कि अध्ययन शुरू कर दे | RPSC का परिणाम ही अंतिम सत्य है और यह कट ऑफ कट ऑफ का खेल महज मिथ्या |

शुभकामनाएँ |

मंगलवार, 20 जून 2017

IAS PRE 2017: CUT OFF ESTIMATION AND PAPER ANALYSIS कट ऑफ अनुमान एवं पेपर विश्लेषण





दोस्तों,

यूँ तो किसी परीक्षा के बाद एक विद्यार्थी राहत महसूस करता है परन्तु UPSC के अभ्यर्थी परीक्षा के बाद अधिक विचलित हो जाते हैं | इस साल की सिविल सर्विसेज प्रारंभिक परीक्षा के पेपर ने सबको चौंका दिया | गत दो वर्षों के आसान पेपर की तुलना में इस बार यह कठिन था | THE HINDU के अनुसार तो गत पांच वर्षों में से यह सबसे कठिन पेपर था इस बार | लेकिन मैं इस बात से सहमत नहीं हूँ | प्रश्न आसान थे परन्तु विकल्पों में ट्विस्ट रखा गया था | राजनीति से जुड़े हुए प्रश्न फंसाने वाले थे जैसे राष्ट्रपति शासन, नीति निर्देशक सिद्धांतो वाला प्रश्न |

अर्थशास्त्र से जुड़े हुए प्रश्न समसामयिकी पर आधारित थे | अतः जिन विद्यार्थियों ने करंट अफेयर्स अच्छे से पढ़ा था उनके लिए ये आसान थे अन्यथा उन्हें कुछ कठिन माने जा सकते हैं | योजनाओं से जुड़े हुए प्रश्नों के विकल्प confusing बनाये गए थे | आधुनिक भारत से off  beat सवाल आये जो निश्चित तौर पर उम्मीदों से परे थे और काफी लोग इनसे विचलित हुए होंगे | भूगोल से जुड़े सवाल तथ्यात्मक थे अतः स्मृति पर आधारित थे | इन्हें माध्यम या कठिन कहा जा सकता है | इसी प्रकार के प्रश्न प्राचीन इतिहास के थे |

विज्ञानसे जुड़े हुए प्रश्न भी तथ्यात्मक और स्मृति आधारित थे जो सरल से कठिन प्रवृति के थे | इस बार करंट अफेयर्स का पेपर में भारांश कम था और UPSC एक बार पुनः पारंपरिक सवालों की ओर लौटा है |

सारांश यह निकलता है कि इस बार के  पेपर में प्रश्न आसान थे परन्तु विकल्प कठिन | अतः बहुत से लोगों को झटका महसूस हुआ होगा | लेकिन आप निश्चिन्त रहे | मेरा अनुमान है कि इस बार कट ऑफ गत वर्ष की तुलना में 5 से 10 अंक कम रहेगी  अर्थात 100-110 की रेंज में |

अतः बिना ज्यादा विचार किये आप सभी मुख्य परीक्षा की तैयारी प्रारंभ कर दे |

शुभकामनायें |



सोमवार, 29 अगस्त 2016

RAS Pre 2016 PAPER ANALYSIS AND CUT OFF ESTIMATION पेपर विश्लेषण एवं कट ऑफ अनुमान



एक बार फिर RPSC 28 अगस्त को अपने चिर परिचित अंदाज में सामने आया | तथ्यात्मक एवं आंकड़ों पर आधारित सवालों को प्रमुखता दी | गणित में  9 प्रश्न दिए गए जो गत वर्ष की तुलना में कठिन एवं लम्बे थे | 13 प्रश्न तार्किक योग्यता से आए जो अपेक्षाकृत सरल थे | RPSC की यह परम्परा रही है कि वह सामान्य विज्ञान के नाम पर विशिष्ट ज्ञान की परीक्षा ले लेती है | अक्सर इन विज्ञान के प्रश्नों में खुद विज्ञान के विद्यार्थी अपना सिर खुजाते पाए जाते हैं | इस बार भी परम्परा को नहीं तोड़ते हुए करीब 17 प्रश्न विज्ञानं एवं पर्यावरण से दिए |इनमें से जो समसामयिक थे वो सरल या मध्यम थे | शेष कठिन या बहुत कठिन | राष्ट्रीय समसामयिकी के करीब 15 प्रश्न पूछे गए जो आसान या माध्यम रहे | प्राचीन एवं मध्यकालीन भारत के इतिहास के 6 प्रश्न पूछे गए जो कठिन ही रहे | आधुनिक भारत के इतिहास के 4 प्रश्न रहे जो अपेक्षाकृत सरल थे | अर्थव्यवस्था से जुड़े करीब 8 प्रश्न पूछे गए ये अपेक्षाकृत सरल परन्तु ट्रिकी थे | भारत और विश्व भूगोल के 5 प्रश्न रहे जो मध्यम या कठिन परन्तु विकल्पों में सरल रहे | भारतीय राजव्यवस्था से जुड़े करीब 10 प्रश्न थे तो अपेक्षाकृत आसान परन्तु ट्रिकी थे जो आपको निश्चित तौर पर फंसायेंगे |

राजस्थान से जुड़े सवालों ने इस बार भी सर्वाधिक योगदान दिया पेपर में | राजस्थान से जुड़ें पारंपरिक प्रश्नों की संख्या लगभग 44 रही | ये प्रश्न राजस्थान के भूगोल,कला एवं संस्कृति, राजनीति, इतिहास, जनसँख्या, अर्थव्यवस्था से सम्बंधित थे | इनमें अधिकांश प्रश्न या तो मध्यम या कठिन प्रवृति के थे | 16 प्रश्न राजस्थान समसामयिकी से आये | इनमे योजनाओं पर आधारित प्रश्नों की संख्या अधिक रही | ये प्रश्न सरल प्रवृति के रहे | इस प्रकार पूरे पेपर में कुल 60 सवाल राजस्थान के रहे | बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियो के लिए ये परेशानी का सबब साबित होते हैं |

पेपर होने के बाद से ही चारों तरफ कट ऑफ को लेकर अलग अलग कयास लगाये जा रहे हैं | कुछ अति उत्साही लोग तो कट ऑफ को 90 अंकों से भी ज्यादा बता चुके हैं |अधिकांश लोगों का मानना है कि पेपर बहुत अधिक सरल था | परन्तु मैं इससे इत्तेफाक नहीं रखता | पेपर गत वर्ष की तुलना में कुछ आसान कहा जा सकता है परन्तु इतना भी नहीं कि आप अति उत्साह का ही शिकार हो जाये |

अगर आप के 70 अंक बन रहे हैं तो आप निश्चिन्त होकर मुख्य परीक्षा की तैयारियों में लग जाये | 65 से 70 अंक की परास में आने वाले अभ्यर्थी भी निराश न हों | RPSC की कट ऑफ आप के लिए शुभ समाचार हो सकते हैं | दिल छोटा कर के बैठे रहने की जरुरत नहीं है | मार्किट में  अफवाहें आपको भले ही डरा रही हों परन्तु आप भी कुछ दिन इधर उधर घूम कर आइये ताकि कुछ कुछ अच्छा महसूस हो | कोई नहीं जनता कब अनुमान धरे रह जाएँ | अतः उत्साह जुटा कर लग जाये मुख्य परीक्षा में | RPSC परिणाम 30 सितम्बर तक घोषित कर ही देगी |
आप सभी को बेहतर परिणाम की शुभ कामनाएं |