बुधवार, 25 मई 2016

RAS 2013 मुख्य परीक्षा का परिणाम 10 जून तक संभावित

राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवा भर्ती परीक्षा 2013 की मुख्य परीक्षा का परिणाम दस जून तक आएगा | राजस्थान पत्रिका एवं दैनिक भास्कर की खबरों के अनुसार राजस्थान के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है जब RAS परीक्षा की मुख्य परीक्षा का परिणाम 8 सप्ताह में आ रहा है | RAS मुख्य परीक्षा का आयोजन 9 अप्रैल से 12 अप्रैल तक राज्य भर में लगभग 90 केन्द्रों पर हुआ था | 


सोमवार, 23 मई 2016

SUCCESS STORY ज्योति स्वरुप शर्मा- ज्योतिषी से RAS तक का सफ़र

                                                                      
 जीवन परिचय
जन्मतिथि - 31 मई 1978
सेकेंडरी शिक्षा-1994 - राजकीय माध्यमिक विद्यालय राजपुरा बड़ा (अलवर )-71%
सीनियर सेकेंडरी शिक्षा(PCM)-1997 -राजकीय उ.मा.विद्यालय राजगढ़ -68%
B.A.(अंग्रेजी,लोक प्रशासन,दर्शनशास्त्र )-2004-राजस्थान विश्वविद्यालय -62%
B.S.T.C-2001

अलवर की राजगढ़ तहसील के राजपुरा बड़ा गाँव के रहने वाले श्री ज्योति स्वरुप शर्मा एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं | ग्रामीण पृष्ठभूमि होने के कारण ये प्रारंभ से ही अपनी पढाई के साथ कृषि सम्बंधित कार्यों में संलग्न रहे | इनकी विद्यालयी शिक्षा गाँव एवं तहसील स्तर पर ही हुई | औसत विद्यार्थी होने की वजह से इन्होने बड़े सपने नहीं देखे बल्कि छोटे-छोटे लक्ष्यों को पूरा करते हुए दूर तक जाने का साहस जुटाया | एक बार पुस्तकों की दूकान पर RAS के पुराने प्रश्न पत्रों को देखने के बाद इनके मन में पहली बार RAS बनने का विचार आया |

श्री शर्मा के संघर्षों का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि RAS बनने से पहले तक इन्होने पैराटीचर, दिल्ली प्राथमिक शिक्षक, थर्ड ग्रेड टीचर और यहाँ तक कि ज्योतिष का कार्य कर अपनी आजीविका चलाई | RAS की तैयारी इन्होने अपने घर से ही प्रारंभ की |दर्शनशास्त्र एवं लोक प्रशासन इनके वैकल्पिक विषय थे |अपने प्रथम प्रयास में असफल रहने के बाद विषय के गहन अध्ययन एवं लेखन के नियमित अभ्यास के दम पर इन्होने RAS 2008 परीक्षा में सफलता प्राप्त की और सहकारी निरीक्षक का पद प्राप्त किया | परन्तु सेवा ज्वाइन करने की बजाये ये बेहतर परिणाम हेतु पुनः प्रयासों में लग गए | अंततः RAS 2010 परीक्षा में राज्य स्तर पर 240वां स्थान प्राप्त किया |

वर्तमान में श्री शर्मा सहायक वाणिज्य कर अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं | राम कहानी के पाठकों को दिए अपने सन्देश में श्री शर्मा ने  बताया कि अभ्यर्थियों को हार से कभी निराश नहीं होना चाहिए अपितु अधिक उत्साह एवं पूर्ण मनोयोग के साथ तैयारी में जुटा रहना चाहिए क्योंकि मंजिल अपने स्थान से कभी नहीं हटती अगर हम गतिमान रहें तो |



मंगलवार, 10 मई 2016

IAS 2015 FINAL RESULT/ IAS 2015 का अंतिम परिणाम घोषित

UPSC द्वारा आईएएस 2015 का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है | कुल 1078 को सफल घोषित किया गया है | आईएएस के 180,आईपीएस  के 150 एवं आईएफएस के 45 पद इनमे शामिल हैं | देश भर में प्रथम स्थान टीना डाबी ने प्राप्त किया है |

परिणाम की PDF फाइल DOWNLOAD करें |

Apply for RAS 2016/ RAS 2016 के लिए आवेदन आज से शुरू



RAS 2016 के आवेदन आज 10 मई 2016 से प्रारंभ हो रहे हैं | इच्छुक अभ्यर्थी अपना आवेदन अंतिम दिनांक  25 जून 2016 तक RPSC ऑनलाइन पोर्टल http://rpsconline.rajasthan.gov.in  अथवा ई-मित्र के माध्यम से कर सकते हैं | इस वर्ष कुल 334(मुख्य ) +369(अधीनस्थ ) पदों पर भर्ती हेतु आवेदन मांगे गए हैं | प्रारंभिक परीक्षा 28 अगस्त 2016 को सभी जिला मुख्यालयों पर लिया जाना  प्रस्तावित है | इस बार परीक्षा का माध्यम ONLINE होने की भी एक संभावना है |



आवेदन के लिए निर्धारित आयु की गणना 1 जनवरी 2017 तक आधार मानकर की जाएगी | न्यूनतम आयु 21 वर्ष एवं अधिकतम 35 वर्ष से कम (सामान्य अभ्यर्थी )|
RPSC हेल्पलाइन नंबर 0145-5151212 एवं  5151200 पर अधिक जानकारी हेतु संपर्क किया जा सकता है |

आवेदन करने के लिए CLICK ME
विज्ञप्ति DOWNLOAD करें |


RAS का फॉर्म कैसे भरें ?

सोमवार, 2 मई 2016

नीति आयोग



नीति आयोग की स्थापना योजना आयोग के स्थान पर  जनवरी  2015 में मोदी सरकार  के द्वारा की गयी| विगत वर्षों में योजना आयोग विभिन्न मुद्दों पर आलोचनाओं का शिकार होता रहा है | गरीबी का आकलन ३२ रुपये करना, आर्थिक विकास दर में कुछ खास वृद्धि न  कर पाने जैसे मुद्दों के साथ साथ इसका स्वरुप भी अपने आप में विवादों में रहा | प्रधानमंती नरेंद्र मोदी ने अपने १५ अगस्त के भाषण में भी इसे ख़तम करने की मंशा दिखाई थी | अंततः नीति (NITI-National Institution for Transforming India ) आयोग की स्थापना की गई| नीति आयोग नीति निर्माण के लिए सरकार का थिंक टैंक  होगा परन्तु इसमें संघवाद को अधिक महत्त्व दिया जायेगा | सहकारी संघवाद को लक्षित करते हुए राज्यों की भूमिका को बढाया गया है | परन्तु नीति आयोग की स्थापना की सबसे बड़ी आलोचना यह है कि यह भी योजना आयोग की तरह असंवैधानिक एवं असांविधिक संस्था है जो संसद के प्रति जवाबदेही नहीं होगी |

नीति आयोग के संगठन पर नजर डाली जाये तो इसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होंगे | इसका  उपाध्यक्ष अरविन्द पनगढ़िया को बनाया गया है | नीति आयोग का मुख्य अंग शासकीय परिषद् (Governing Council)  होगा | सभी राज्यों के मुख्यमंत्री एवं केन्द्रशासित प्रदेशों के प्रशासक/उपराज्यपाल इसके सदस्य होंगे,प्रधानमंत्री इस परिषद् के अध्यक्ष होंगे | दो पूर्णकालिक सदस्य  ( अर्थशास्त्री बिबेक देबराय एवं डॉ. वी.के. सारस्वत) बनाये गए हैं | पदेन सदस्य के रूप में गृह,वित्त, रेल और कृषि मंत्री को मनोनीत किया गया है | विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर परिवहन मंत्री, मानव संसाधन मंत्री और सामाजिक न्याय मंत्री को स्थान दिया गया है | इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी वर्तमान में अमिताभ कान्त हैं |

वर्तमान में नीति आयोग के अधीन अटल नवोन्मेष मिशन, सेतु(स्व रोजगार एवं प्रतिभा उपयोग) और  भारत ऊर्जा सुरक्षा परिदृश्य (IESS), 2047 कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं | साथ ही मुख्यमंत्रियों के तीन उपसमूहों का गठन क्रमश: कौशल विकास, केंद्र प्रायोजित योजनायें एवं स्वच्छ भारत विषय पर किया गया है | इन उपसमूहो के संयोजक क्रमश: पंजाब ,मध्यप्रदेश और आन्ध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री  हैं |