शनिवार, 28 मई 2016

भारत की आर्थिक समीक्षा 2015-16/ ECONOMIC SURVEY OF INDIA 2015-16 IN HINDI



आर्थिक समीक्षा 2015-16 जो वित्त मंत्रालय, भारत सरकार का फ्लैगशिप वार्षिक दस्तावेज है, विगत 12 महीनें में भारतीय अर्थव्यवस्था में घटनाक्रमों की समीक्षा करता है, प्रमुख विकास कार्यक्रमों के निष्पादन का सार प्रस्तुत करता है और सरकार की नीतिगत पहलों तथा अल्पावधि से मध्यावधि में अर्थव्यवस्था की संभावनाओं पर विधिवत प्रकाश डालता है। इस दस्तावेज को बजट सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों में पेश किया जाता है।


यह रिपोर्ट एवं क्षेत्रक अर्थव्योवस्था के सभी पहलुओं को शामिल करते हुए विस्तृत आंकड़ों के साथ निम्नाकित मामलों का सिंहावलोकन करती है:

  • आर्थिक दृष्‍टिकोण, संभावनाएं और नीतिगत चुनौतियां
  • राजकोषीय रूपरेखा
  • हर आंख से आंसू पोंछना: जैम नम्‍बर त्रिसूत्री समाधान
  • निवेश वातावरण: अवरूद्ध परियोजनाएं, बकाया ऋण और इक्‍विटी समस्‍याएं
  • ऋण, संरचना तथा दोहरा वित्‍तीय नियंत्रण: बैंकिंग सेक्‍टर का एक निदान
  • सार्वजनिक निवेश को दुरूस्‍त करना: रेल के माध्‍यम से
  • भारत में क्‍या निर्माण करें? विनिर्मित उत्‍पाद या सेवाएं?
  • कार्बन सब्‍सिडी से कार्बन कर की ओर: भारत का पर्यावरण संबंधी कार्य
  • चौदहवां वित्‍त आयोग-भारत में राजकोषीय संघवाद के लिए निहितार्थ
  • भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था की स्‍थिति- सिहांवलोकन
  • लोक वित्‍त
  • मौद्रिक प्रबंधन और वित्‍तीय मध्‍यस्‍थता
  • वैदेशिक एवं सेवा क्षेत्र
  • मूल्‍य, कृषि और खाद्य प्रबंधन
  • औद्योगिक, कारपोरेट और अवसंरचना निष्‍पादन
  • जलवायु परिवर्तन और सतत् विकास
  • सामाजिक अवसंरचना, रोजगार और मानव विकास

यह दस्तावेज नीति निर्धारकों, अर्थशास्त्रियों, नीति विश्लेाषकों, व्यवसायियों, सरकारी एजेंसियों, छात्रो, अनुसंधानकर्ताओं, मीडिया तथा भारतीय अर्थव्यृवस्था के विकास में रुचि रखने वालों के लिए उपयोगी होगा।

आर्थिक समीक्षा 2015-16: मुख्य बिंदु

•    भारतीय अर्थव्यवस्था वृह्द आर्थिक स्थिरता, गतिशीलता एवं आशा के केन्द्र के रूप में उभरी है और आगामी वर्ष (2016-17) में जीडीपी विकास दर 7.0 प्रतिशत से 7.75 प्रतिशत तक रहने की उम्मीद.
•    वैश्विक अनिश्चित्ताओं और कमजोर मॉनसून के बावजूद भारत ने वर्ष 2014-15 में 7.2 प्रतिशत और 2015-16 में 7.6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की. इस प्रकार भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बन गया.
•    वैश्विक मंदी के बावजूद, सामान्य मॉनसून के कारण वर्ष 2016-17 में भारतीय अर्थव्यवस्था में लगातार तीसरे वर्ष सात प्रतिशत से अधिक वृद्धि जारी रहेने की उम्मीद.
•    सुधार प्रक्रिया को लगातार जारी रखने की सरकार की प्रतिबद्धता के कारण अगले दो वर्षों के दौरान अर्थव्यवस्था की बढ़ोत्तरी की गति आठ प्रतिशत या अधिक हासिल करने की स्थितियां मौजूद.
•    वर्ष 2015-16 में कृषि क्षेत्र में वृद्धि पिछले दशक के औसत की तुलना में लगातार कम रही है. ऐसा लगातार दूसरे वर्ष भी सामान्य से कम बारिश होने के कारण हुआ.
•    वर्ष 2015-16 के लिए कृषि, सहकारिता और किसान कल्याण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार खाद्यान्नों और तिलहनों का उत्पादन क्रमशः 0.5 प्रतिशत और 4.1 प्रतिशत घटने का अनुमान.
•    पशुधन उत्पादों, वानिकी और मत्स्य पालन जैसे संबद्ध क्षेत्रों में 2015-16 के दौरान पांच प्रतिशत से अधिक वृद्धि होने से अच्छी तस्वीर उभरने का अनुमान, जिससे ग्रामीण लोगों की आय में कुछ बढ़ोतरी होगी.
•    विनिर्माण गतिविधियों में सुधार होने से चालू वर्ष के दौरान उद्योग में विकास की गति तेज होने का अनुमान.
•    निजी कॉरपोरेट क्षेत्र की विनिर्माण क्षेत्र में लगभग 69 प्रतिशत हिस्सेदारी, जिससे अप्रैल-दिसंबर, 2015-16 में वर्तमान मूल्यों पर 9.9 प्रतिशत बढ़ोत्तरी होने का अनुमान.
•    औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के अनुसार, अप्रैल-दिसंबर 2015-16 के दौरान विनिर्माण उत्पादन में 3.1 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान यह बढ़ोत्तरी 1.8 प्रतिशत रही थी.
•    मौजूदा विनिर्माण रिकवरी में पेट्रोलियम रिफाइनिंग, ऑटोमोबाइल्स, परिधान, रसायन, विद्युत मशीनरी और फर्नीचर सहित लकड़ी उत्पादों में वृद्धि होने से मदद मिली.
•    विनिर्माण के अलावा उद्योग क्षेत्र के तीन खंड बिजली, गैस, जलापूर्ति और संबंधित सेवाओं, खनन और खदान तथा निर्माण गतिविधियों में मंद गति.
•    इस समीक्षा में सेवा क्षेत्र में साधारण बढ़ोत्तरी रेखांकित की गई है, लेकिन यह अभी भी बहुत मजबूत है.
•    अर्थव्यवस्था का मुख्य वाहक होने के कारण कुल विकास में सेवा क्षेत्र का 2011-12 से 2015-16 के दौरान लगभग 69 प्रतिशत का योगदान रहा और अर्थव्यवस्था में इसकी हिस्सेदारी 4 प्रतिशत बढ़कर 49 से 53 प्रतिशत होने की प्रक्रिया में है.
•    उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं में स्पष्ट रूप से मंदी आई है, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था वृह्द आर्थिक स्थिरता, गतिशीलता एवं आशा के एक केन्द्र के रूप में उभरी है और आगामी वर्ष में इसकी जीडीपी विकास दर 7.0 प्रतिशत से 7.75 प्रतिशत तक रहने की उम्मीद.

•    जीडीपी विकास दर 7.0 प्रतिशत से 7.75 प्रतिशत तक रहने की उम्मीद.
•    वर्ष 2015-16 के लिए 3.9 प्रतिशत का राजकोषीय घाटा लक्ष्यह अर्जि‍त किया जाना संभव.
•    वर्ष 2015-16 में सकल मूल्येवर्धन की वृद्धि में सेवा क्षेत्र का योगदान लगभग 66.1 प्रतिशत.
•    अप्रैल-जनवरी, 2015-16 में व्यापार घाटा घटकर 106.8 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया, जो 2014-15 की इसी अवधि के दौरान 119.6 बिलियन अमरीकी डॉलर था.
•    वर्ष 2014 के दौरान भारत में एफडीआई 34 अरब अमेरिकी डॉलर दर्ज किया गया, जो वर्ष 2013 के मुकाबले 22 प्रतिशत ज्याअदा है। वर्ष 2014-15 और वर्ष 2015-16 (अप्रैल-अक्टूकबर) के दौरान आमतौर पर और मुख्यैत: सेवा क्षेत्र में एफडीआई के प्रवाह में वृद्धि दर्ज की गई.
•    भारत का पर्यटन विकास वर्ष 2015 में विदेशी पर्यटक आगमन (एफटीए) के लिहाज से घटकर 4.5 प्रतिशत और विदेशी मुद्रा आमदनी (एफईई) के लिहाज से घटकर 2.8 प्रतिशत रह गई, जो वर्ष 2014 में एफटीए के लिहाज से 10.2 प्रतिशत और एफईई के लिहाज से 9.7 प्रतिशत थी.
•    किसानों के लिए स्थासई आजीविका और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कृषि क्षेत्र में व्या्पक बदलाव की जरूरत.
•    मीडिया एवं मनोरंजन उद्योग ने पिछले दो दशकों में अप्रत्यातशित वृद्धि दर दर्शाई है और इसके साथ ही भारत के सर्वाधिक तेजी से विकसित होने वाले उद्योगों में यह भी शामिल हो गया है. वर्ष 2019 तक 13.9 प्रतिशत की सीएजीआर के साथ इस उद्योग का कारोबार 1964 अरब रुपये के स्त र पर पहुंच जाने की उम्मीद.
•    वित्ती य समावेश की दिशा में डाक घर बचत बैंक (पीओएसबी) खातों की संख्यास 30.86 करोड़ से बढ़कर 33.97 करोड़ के स्तरर पर पहुंच गई है. 80 लाख से भी ज्याएदा ‘सुकन्‍या समृद्धि योजना’ खाते खोले गए.
•    आं‍तरिक व्यानपार ने 10.7 प्रतिशत की हिस्सेादारी के साथ 12,31,073 करोड़ रुपये के व्याआपार एवं मरम्म्त सेवा क्षेत्र ने वर्ष 2014-15 में 10.8 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्शायी.
•    भारत के रिटेल बाजार के वर्ष 2020 तक बढ़कर 1.3 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के स्तर पर पहुंच जाने की उम्मीद.


आर्थिक समीक्षा 2015-16 DOWNLOAD [19 MB]



VISION IAS के नोट्स डाउनलोड करें |



शुक्रवार, 27 मई 2016

VISION IAS के करंट अफेयर्स नोट्स हिंदी में/ VISION IAS CURRENT AFFAIRS NOTES IN HINDI




VISION IAS के करंट अफेयर्स के नोट्स हिंदी में भी उपलब्ध हैं | ये नोट्स RAS/IAS जैसी परीक्षाओं हेतु सर्वोत्तम है |


VISION IAS CURRENT AFFAIRS जनवरी 2016 DOWNLOAD [10 MB]

VISION IAS CURRENT AFFAIRS फ़रवरी 2016 DOWNLOAD [3 MB]

गुरुवार, 26 मई 2016

RAS 2016 का फॉर्म कैसे भरें / HOW TO APPLY FOR RAS 2016

RAS 2016 का फॉर्म भरने में अभ्यर्थियों को हो रही समस्या को देखते हुए हम फॉर्म भरने के स्टेप्स अर्थात चरणों को यहाँ SCREENSHOTS के साथ प्रदर्शित कर रहे हैं | उम्मीद है कि आप सभी को इससे लाभ मिलेगा | आपसे अनुरोध है कि आप अपने विचार अथवा समस्या इस पोस्ट के अंत में दिए गए COMMENT BOX में लिखें|

STEP 1: सबसे पहले ई -मित्र की वेबसाइट http://emitra.gov.in/ खोलें | इस पर रजिस्टर करने के बाद LOGIN करें |

STEP 2: LOG-IN के बाद उपलब्ध OPTIONS में से E-MITRA को क्लिक करें |



STEP 3: इसके बाद आपके सामने जो पेज खुलेगा उसमें DISTRICT, DEPARTMENT और SERVICE सम्बंधित जानकारी देनी होगी | DISTRICT में आपका गृह जिला,DEPARTMENT में RPSC और SERVICE में EXAM FEE_NEW सेलेक्ट करना है |



STEP 4: इसके बाद आप GET BILL DETAILS पर क्लिक करेंगे |इसके बाद मांगी गयी सूचना में आपको अपना नाम, पिता का नाम आदि जानकारियां भरनी हैं |



STEP 5: जानकारियां भरने के बाद GET BILL पर क्लिक करें और उसके बाद PAY THIS BILL पर क्लिक  करें |उसके बाद आपको PAYMENT MEDIUM चुनना है | यदि आप डेबिट/क्रेडिट/नेट बैंकिंग से पेमेंट करना चाहते हैं तो PAYMENT MEDIUM में BILL DESK सेलेक्ट करें |




STEP 6: इसके बाद आपके सामने एक पेज खुलेगा जिसमे आपको अपने डेबिट/क्रेडिट कार्ड की सूचना भरनी है|



STEP 7: इस प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद आपको अपना RECEIPT नंबर मिलेगा | लेकिन याद रखिये ये आपका टोकन नंबर नहीं है | टोकन नंबर के लिए आपको PRINT RECEIPT पर क्लिक करना होगा | जिसमे आपको अपना टोकन नंबर मिलेगा |



STEP 8: अब आप वेबसाइट https://rpsc.rajasthan.gov.in/applyonline/ पर जाइए| यहाँ APPLY ONLINE पर क्लिक करें| उसके बाद एक पेज खुलेगा , इसमें PAYMENT MODE में ई -मित्र चुन कर आगे बढ़ें अगले पेज पर आपको अपने टोकन नंबर एवं जन्मतिथि लिखनी है |

    


STEP 9: इसके आगे के स्टेप्स में मांगी हुयी जानकारियां भरते हुए आप अपना फॉर्म फाइनल सबमिट करेंगे |


विशेष सूचना : आप में से कुछ को  https://rpsc.rajasthan.gov.in/applyonline/ पर फॉर्म भरने के दौरान किसी भी चरण में निम्न समस्या वाला पेज दिखाई दे सकता है |


इसके समाधान के लिए आप अपने इन्टरनेट ब्राउज़र/CHROME/FIREFOX की सेटिंग्स में जाकर COOKIES रिमूव कर दें | उसके बाद पुनः  https://rpsc.rajasthan.gov.in/applyonline/ खोलें |





बुधवार, 25 मई 2016

BOOKS FOR IAS/ आईएएस परीक्षा की तैयारी हेतु महत्वपूर्ण पुस्तकें



आईएएस/सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी हेतु महत्वपूर्ण पुस्तकों की यह सूची विभिन्न सफल एवं असफल विद्यार्थियों के अनुभव और हमारे विश्लेषण के पश्चात् तैयार की गयी है | पुस्तक के चयन के समय आप अपने विवेक का इस्तेमाल करने के लिए आजाद हैं |

विश्व इतिहास- OLD NCERT कक्षा 11,12/ इंदिरा अर्जुन देव
प्राचीन भारत का इतिहास - रामशरण शर्मा / OLD NCERT
मध्यकालीन भारत का इतिहास - सतीश चन्द्र / OLD NCERT
आधुनिक भारत का इतिहास -विपिन चन्द्र / स्पेक्ट्रम प्रकाशन / OLD NCERT
भूगोल - NCERT कक्षा-6 से 12/ महेश बर्नवाल
अर्थशास्त्र - प्रतियोगिता दर्पण का भारतीय अर्थव्यवस्था विशेषांक/ रमेश सिंह
भारतीय राज व्यवस्था - कक्षा-6 से 12/एम.लक्ष्मीकांत
भारत का संविधान- सेंट्रल लॉ पब्लिकेशन
भारत की आंतरिक सुरक्षा-अशोक कुमार (McGraw Hill Publication)
पर्यावरण- परीक्षावाणी प्रकाशन/ SHANKAR IAS NOTES (available only in English)/http://www.moef.nic.in/hi
विज्ञान- NCERT कक्षा 9 से 10,
कला एवं संस्कृति - NIOS/स्पेक्ट्रम /NCERT/ http://ccrtindia.gov.in/hn/index.php
गणित- आर.एस.अग्रवाल
रीजनिंग - आर.एस.अग्रवाल (only in English)
समसामयिकी- क्रॉनिकल/VISION IAS Current Affairs Notes
वेबसाइट्स- http://pib.nic.in/newsite/mainpage.aspx
                  http://ccrtindia.gov.in/hn/index.php
                  http://www.prsindia.org/
                  http://www.moef.nic.in/hi
                 



RAS के लिए कौनसी पुस्तकें पढ़ें ?
आईएएस का सिलेबस क्या है ?



RAS 2013 मुख्य परीक्षा का परिणाम 10 जून तक संभावित

राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवा भर्ती परीक्षा 2013 की मुख्य परीक्षा का परिणाम दस जून तक आएगा | राजस्थान पत्रिका एवं दैनिक भास्कर की खबरों के अनुसार राजस्थान के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है जब RAS परीक्षा की मुख्य परीक्षा का परिणाम 8 सप्ताह में आ रहा है | RAS मुख्य परीक्षा का आयोजन 9 अप्रैल से 12 अप्रैल तक राज्य भर में लगभग 90 केन्द्रों पर हुआ था | 


सोमवार, 23 मई 2016

SUCCESS STORY ज्योति स्वरुप शर्मा- ज्योतिषी से RAS तक का सफ़र

                                                                      
 जीवन परिचय
जन्मतिथि - 31 मई 1978
सेकेंडरी शिक्षा-1994 - राजकीय माध्यमिक विद्यालय राजपुरा बड़ा (अलवर )-71%
सीनियर सेकेंडरी शिक्षा(PCM)-1997 -राजकीय उ.मा.विद्यालय राजगढ़ -68%
B.A.(अंग्रेजी,लोक प्रशासन,दर्शनशास्त्र )-2004-राजस्थान विश्वविद्यालय -62%
B.S.T.C-2001

अलवर की राजगढ़ तहसील के राजपुरा बड़ा गाँव के रहने वाले श्री ज्योति स्वरुप शर्मा एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं | ग्रामीण पृष्ठभूमि होने के कारण ये प्रारंभ से ही अपनी पढाई के साथ कृषि सम्बंधित कार्यों में संलग्न रहे | इनकी विद्यालयी शिक्षा गाँव एवं तहसील स्तर पर ही हुई | औसत विद्यार्थी होने की वजह से इन्होने बड़े सपने नहीं देखे बल्कि छोटे-छोटे लक्ष्यों को पूरा करते हुए दूर तक जाने का साहस जुटाया | एक बार पुस्तकों की दूकान पर RAS के पुराने प्रश्न पत्रों को देखने के बाद इनके मन में पहली बार RAS बनने का विचार आया |

श्री शर्मा के संघर्षों का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि RAS बनने से पहले तक इन्होने पैराटीचर, दिल्ली प्राथमिक शिक्षक, थर्ड ग्रेड टीचर और यहाँ तक कि ज्योतिष का कार्य कर अपनी आजीविका चलाई | RAS की तैयारी इन्होने अपने घर से ही प्रारंभ की |दर्शनशास्त्र एवं लोक प्रशासन इनके वैकल्पिक विषय थे |अपने प्रथम प्रयास में असफल रहने के बाद विषय के गहन अध्ययन एवं लेखन के नियमित अभ्यास के दम पर इन्होने RAS 2008 परीक्षा में सफलता प्राप्त की और सहकारी निरीक्षक का पद प्राप्त किया | परन्तु सेवा ज्वाइन करने की बजाये ये बेहतर परिणाम हेतु पुनः प्रयासों में लग गए | अंततः RAS 2010 परीक्षा में राज्य स्तर पर 240वां स्थान प्राप्त किया |

वर्तमान में श्री शर्मा सहायक वाणिज्य कर अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं | राम कहानी के पाठकों को दिए अपने सन्देश में श्री शर्मा ने  बताया कि अभ्यर्थियों को हार से कभी निराश नहीं होना चाहिए अपितु अधिक उत्साह एवं पूर्ण मनोयोग के साथ तैयारी में जुटा रहना चाहिए क्योंकि मंजिल अपने स्थान से कभी नहीं हटती अगर हम गतिमान रहें तो |



मंगलवार, 17 मई 2016

मंगलवार, 10 मई 2016

IAS 2015 FINAL RESULT/ IAS 2015 का अंतिम परिणाम घोषित

UPSC द्वारा आईएएस 2015 का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है | कुल 1078 को सफल घोषित किया गया है | आईएएस के 180,आईपीएस  के 150 एवं आईएफएस के 45 पद इनमे शामिल हैं | देश भर में प्रथम स्थान टीना डाबी ने प्राप्त किया है |

परिणाम की PDF फाइल DOWNLOAD करें |

Apply for RAS 2016/ RAS 2016 के लिए आवेदन आज से शुरू



RAS 2016 के आवेदन आज 10 मई 2016 से प्रारंभ हो रहे हैं | इच्छुक अभ्यर्थी अपना आवेदन अंतिम दिनांक  25 जून 2016 तक RPSC ऑनलाइन पोर्टल http://rpsconline.rajasthan.gov.in  अथवा ई-मित्र के माध्यम से कर सकते हैं | इस वर्ष कुल 334(मुख्य ) +369(अधीनस्थ ) पदों पर भर्ती हेतु आवेदन मांगे गए हैं | प्रारंभिक परीक्षा 28 अगस्त 2016 को सभी जिला मुख्यालयों पर लिया जाना  प्रस्तावित है | इस बार परीक्षा का माध्यम ONLINE होने की भी एक संभावना है |



आवेदन के लिए निर्धारित आयु की गणना 1 जनवरी 2017 तक आधार मानकर की जाएगी | न्यूनतम आयु 21 वर्ष एवं अधिकतम 35 वर्ष से कम (सामान्य अभ्यर्थी )|
RPSC हेल्पलाइन नंबर 0145-5151212 एवं  5151200 पर अधिक जानकारी हेतु संपर्क किया जा सकता है |

आवेदन करने के लिए CLICK ME
विज्ञप्ति DOWNLOAD करें |


RAS का फॉर्म कैसे भरें ?

सोमवार, 2 मई 2016

नीति आयोग



नीति आयोग की स्थापना योजना आयोग के स्थान पर  जनवरी  2015 में मोदी सरकार  के द्वारा की गयी| विगत वर्षों में योजना आयोग विभिन्न मुद्दों पर आलोचनाओं का शिकार होता रहा है | गरीबी का आकलन ३२ रुपये करना, आर्थिक विकास दर में कुछ खास वृद्धि न  कर पाने जैसे मुद्दों के साथ साथ इसका स्वरुप भी अपने आप में विवादों में रहा | प्रधानमंती नरेंद्र मोदी ने अपने १५ अगस्त के भाषण में भी इसे ख़तम करने की मंशा दिखाई थी | अंततः नीति (NITI-National Institution for Transforming India ) आयोग की स्थापना की गई| नीति आयोग नीति निर्माण के लिए सरकार का थिंक टैंक  होगा परन्तु इसमें संघवाद को अधिक महत्त्व दिया जायेगा | सहकारी संघवाद को लक्षित करते हुए राज्यों की भूमिका को बढाया गया है | परन्तु नीति आयोग की स्थापना की सबसे बड़ी आलोचना यह है कि यह भी योजना आयोग की तरह असंवैधानिक एवं असांविधिक संस्था है जो संसद के प्रति जवाबदेही नहीं होगी |

नीति आयोग के संगठन पर नजर डाली जाये तो इसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होंगे | इसका  उपाध्यक्ष अरविन्द पनगढ़िया को बनाया गया है | नीति आयोग का मुख्य अंग शासकीय परिषद् (Governing Council)  होगा | सभी राज्यों के मुख्यमंत्री एवं केन्द्रशासित प्रदेशों के प्रशासक/उपराज्यपाल इसके सदस्य होंगे,प्रधानमंत्री इस परिषद् के अध्यक्ष होंगे | दो पूर्णकालिक सदस्य  ( अर्थशास्त्री बिबेक देबराय एवं डॉ. वी.के. सारस्वत) बनाये गए हैं | पदेन सदस्य के रूप में गृह,वित्त, रेल और कृषि मंत्री को मनोनीत किया गया है | विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर परिवहन मंत्री, मानव संसाधन मंत्री और सामाजिक न्याय मंत्री को स्थान दिया गया है | इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी वर्तमान में अमिताभ कान्त हैं |

वर्तमान में नीति आयोग के अधीन अटल नवोन्मेष मिशन, सेतु(स्व रोजगार एवं प्रतिभा उपयोग) और  भारत ऊर्जा सुरक्षा परिदृश्य (IESS), 2047 कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं | साथ ही मुख्यमंत्रियों के तीन उपसमूहों का गठन क्रमश: कौशल विकास, केंद्र प्रायोजित योजनायें एवं स्वच्छ भारत विषय पर किया गया है | इन उपसमूहो के संयोजक क्रमश: पंजाब ,मध्यप्रदेश और आन्ध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री  हैं |